उत्तर भारत में कुदरत का ‘कोल्ड अटैक’ और दिल्ली में रिकॉर्ड तोड़ सर्दी
पूरा उत्तर भारत इस समय भीषण शीतलहर और कड़ाके की ठंड का सामना कर रहा है। देश की राजधानी दिल्ली में ठंड ने पिछले 15 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जहाँ न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। घने कोहरे और बर्फीली हवाओं के कारण जनजीवन ठहर सा गया है। दिल्ली के कुछ हिस्सों में हुई हल्की बूंदाबांदी ने ठिठुरन को और अधिक बढ़ा दिया है।
पहाड़ी राज्यों में पारा -21 डिग्री तक गिरा, जम गई पानी की पाइपलाइनें
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में हालात बेहद चुनौतीपूर्ण हो गए हैं। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ और आदि कैलाश जैसे इलाकों में तापमान -19 से -21 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है, जिससे झरने और पानी की पाइपलाइनें पूरी तरह जम गई हैं। हिमाचल प्रदेश के भी 11 शहरों में पारा शून्य से नीचे बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक हफ्ते तक इन क्षेत्रों में सूखी ठंड का प्रकोप जारी रहेगा, जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
मैदानी राज्यों में कोहरे का कहर और स्कूलों में छुट्टियां घोषित
पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाओं ने उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब और हरियाणा को अपनी चपेट में ले लिया है। उत्तर प्रदेश के 16 जिलों में बारिश और 30 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट है। बिहार के 32 जिलों में शीतलहर के कारण बेगूसराय और मधेपुरा में 14 जनवरी तक स्कूल बंद कर दिए गए हैं। राजस्थान और हरियाणा में भी कड़ाके की धूप न निकलने से दिन के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। कोहरे के कारण दृश्यता कम होने से रेल और सड़क यातायात पर बुरा असर पड़ा है।
दक्षिण भारत में तूफान की आहट और भारी बारिश का अलर्ट
जहाँ उत्तर भारत ठंड से ठिठुर रहा है, वहीं दक्षिण भारत में मौसम का मिजाज बिल्कुल अलग है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण तमिलनाडु के तटीय इलाकों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की गई है। श्रीलंका तट को पार करने वाले इस मौसमी सिस्टम की वजह से मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में ओस की बूंदें बर्फ की तरह जमी हुई पाई गई हैं, जो ठंड की गंभीरता को दर्शाती हैं।