दक्षिण और मध्य भारत में बारिश की सक्रियता
वर्तमान मौसम की स्थिति के अनुसार, दक्षिण और मध्य भारत में पूर्वी हवाओं का प्रभाव बढ़ गया है। इसके चलते महाराष्ट्र से लेकर दक्षिण भारत के राज्यों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। 12 से 14 जनवरी के बीच तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल और कर्नाटक के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। तमिलनाडु में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है।
महाराष्ट्र में बादलों की आवाजाही और बूंदाबांदी
महाराष्ट्र के मौसम में भी महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। 12 और 13 जनवरी को दक्षिण मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और दक्षिण कोंकण-गोवा के इलाकों में बादल छाए रहेंगे। इस दौरान कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की बौछारें पड़ने की संभावना है। हालांकि, यह बारिश बहुत तेज नहीं होगी, लेकिन स्थानीय स्तर पर बादलों के विकास के कारण छिटपुट वर्षा जारी रह सकती है।
उत्तर भारत में ‘रेड अलर्ट’: पारा शून्य से नीचे गिरा
एक तरफ जहाँ दक्षिण में बारिश हो रही है, वहीं उत्तर भारत भीषण शीतलहर (Cold Wave) की चपेट में है। राजस्थान के फतेहपुर शेखावाटी में तापमान -2° सेल्सियस तक गिर गया है। मौसम विभाग ने सीकर और आसपास के इलाकों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप बना रहेगा। बिहार में ‘शीत दिन’ (Cold Day) की स्थिति बनी रहेगी।
घने कोहरे और शीतलहर की चेतावनी
अगले तीन दिनों तक देश के कई राज्यों में घना कोहरा छाया रहेगा। राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, सिक्किम और पूर्वोत्तर राज्यों (असम, मेघालय, नागालैंड) में सुबह के समय विजिबिलिटी बहुत कम रहने का अनुमान है। झारखंड और गुजरात के कच्छ इलाके में भी शीतलहर चलने की संभावना है। मकर संक्रांति के दौरान उत्तर भारत में ठिठुरन बनी रहेगी, जबकि दक्षिण में बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं।